TODAY'S THOUGHT
What would you like to be remembered for ? You have to evolve yourself and shape your life.
You should write it on a page and that maybe a very important page in the book of human history.
by APJ ABDUL KALAM
केंद्रीय विद्यालय धार का पुस्तकालय विद्यालय के सांस्कृतिक और सामाजिक परिवेश में एक महत्वपूर्ण संस्थान है। यह पढ़ने, सांस्कृतिक गतिविधियों, सूचना प्राप्त करने, ज्ञान बढ़ाने, गहन सोच और बौद्धिक चर्चा का केंद्र है। इसका मुख्य उद्देश्य सभी उम्र के पाठकों में पढ़ने की आदत डालना और भारत की राष्ट्रीय विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
TODAY'S THOUGHT
What would you like to be remembered for ? You have to evolve yourself and shape your life.
You should write it on a page and that maybe a very important page in the book of human history.
by APJ ABDUL KALAM
जनजातीय गौरव दिवस १५ नवम्बर २०२४
भारतीय संविधान दिवस
पी एम श्री केंद्रीय विद्यालय धार में दिनांक २६ नवम्बर २०२४ को ७५ वे भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय धार में विद्यालय के प्राचार्य श्री नीरज अस्थाना, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने मिलकर संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया एवं प्रतिज्ञा ली। इसी दौरान ६७२ विद्यार्थी ४४ शिक्षक उपस्थित रहे । विभिन्न शिक्षको ने संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला तथा संविधान के मौलिक कर्त्तव्य एवं अधिकारो के बारे में बताया गया। विद्यार्थियों के मध्य संविधान के मौलिक कर्तव्य एवं अधिकारों के संबंध में निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई एवं विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया । इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने संविधान के महत्व को गहराई से समझा और संविधान के प्रति अपनी जिम्मेदारी को महसूस किया। साथ ही संविधान के प्रति सम्मान और गौरव की भावना एवं संविधान के मूल्यों को जीवन में उतारने के लिए प्रेरित हुए । कार्यक्रम का संचालन श्री मिश्रीलाल विश्वकर्मा के द्वारा किया गया ।
राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह (१४-२० नवम्बर)
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय धार में राष्ट्रीय पुस्तकालय सप्ताह (१४-२० नोवेम्बर) का समापन पुस्तकालय में विद्यार्थियों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी के द्वारा संपन्न हुआ।जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार की पुस्तकालय गतिविधियों का आयोजन किया गया जिसमें बुक मार्क, पुस्तक आवरण, निबंध प्रतियोगिता, वैज्ञानिक परियोजना कहानी सुनाना, कहानी लिखना आदि गतिविधियों को विभिन शिक्षकों के सहयोग से पूर्ण कराया गया। सुधाकर गुप्ता पुस्तकालयाध्यक्ष के कार्यों को गतिविधि समन्वयक रूप में आयोजित गतिविधियों को विद्यालय प्राचार्य द्वारा सराहा गया।
"लक्ष्य रखना ही नही चाहिये अपितु उसे प्राप्त करने का प्रयास भी निरंतर करते रहना चाहिये "
जब तक न सफल हो नींद चैन की त्यागो तुम, संघर्ष का मैदान छोड ना भागो तुम
कुछ किये बिना ही जय जयकार नही होती कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती।
PM SHRI KV DHAR TOPPER OF THE VIDYALAYA BHAVESH MUVEL 96.40% IN X CBSE BOARD EXAM