"लक्ष्य रखना ही नही चाहिये अपितु उसे प्राप्त करने का प्रयास भी निरंतर करते रहना चाहिये "
जब तक न सफल हो नींद चैन की त्यागो तुम, संघर्ष का मैदान छोड ना भागो तुम
कुछ किये बिना ही जय जयकार नही होती कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती।
केंद्रीय विद्यालय धार का पुस्तकालय विद्यालय के सांस्कृतिक और सामाजिक परिवेश में एक महत्वपूर्ण संस्थान है। यह पढ़ने, सांस्कृतिक गतिविधियों, सूचना प्राप्त करने, ज्ञान बढ़ाने, गहन सोच और बौद्धिक चर्चा का केंद्र है। इसका मुख्य उद्देश्य सभी उम्र के पाठकों में पढ़ने की आदत डालना और भारत की राष्ट्रीय विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
"लक्ष्य रखना ही नही चाहिये अपितु उसे प्राप्त करने का प्रयास भी निरंतर करते रहना चाहिये "
जब तक न सफल हो नींद चैन की त्यागो तुम, संघर्ष का मैदान छोड ना भागो तुम
कुछ किये बिना ही जय जयकार नही होती कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती।
TODAY'S THOUGHT “Start where you are, use what you have, do what you can.”
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