READER OF THE MONTH

बुधवार, 29 अगस्त 2018

LIBRARY NEWSLETTER "UMANG"


के वि एन/ उमंग/जून २०१८/ द्वितीय संस्करण 





आदरणीय महानुभावों ,
आप सबको ये बताते हुए हर्ष हो रहा है कि केंद्रीय विद्यालय वायुसेना स्थल नलिया  पुस्तकालय  त्रैमासिक ग्रंथालय समाचार पत्रिका " उमंग "का दूसरा संस्करण (जून 2018 ) प्रकाशित किया जा रहा है आपके भरपूर स्नेह एवं  उचित मार्गदर्शन के आधार पर ये संस्करण आप सभी लोगो के लिए अवलोकनार्थ हेतु प्रकाशित किया गया है | 
पिछले संस्करण की भांति मैं आप सभी  लोगो का ध्यानाकर्षण एवं स्नेह  पुनः एकबार चाहूँगा साथ ही साथ आप सभी के सुझाव भी आमंत्रित हैं | 

धन्यवाद

सुधाकर गुप्ता 
पुस्तकालयाध्यक्ष 
संपादक "उमंग "
केंद्रीय विद्यालय वायुसेना स्थल 
नलिया 



मंगलवार, 28 अगस्त 2018

BOOK -TALK पुस्तक समीक्षा ( BOOK REVIEW )


BOOK -TALK  
पुस्तक समीक्षा ( BOOK  REVIEW )

ON 29 AUGUST 2018 

प्रतिवेदन 

विद्यालय पुस्तकालय गतिविधि के मासिक पुस्तकालय गतिविधि /क्रियाविधि के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा उनके द्वारा पढ़ी हुई पुस्तक की समीक्षा एवं अन्य विद्यार्थिओं को पुस्तक पढ़ने हेतु प्रेरित करने में अपना योगदान प्रदान करना | इसी क्रम में विद्यालयी छात्रों ने प्रमुख पुस्तकों की समीक्षा प्रातःकालीन प्रार्थना सभा में  लिखित एवं मौखिक (नाट्य मंचन के द्वारा )  रूप से प्रस्तुत की जो की विशेष रूप से सराहनीय रही | एक छात्रा  द्वारा दिया गया प्रस्तुतिकरण मुंशी प्रेमचंद की द्वारा लिखित पुस्तक "पांच फूल " के ऊपर  सराहनीय रहा जिसके अंश यूट्यूब वीडिओ  पर सुने व देखे जा सकते हैं | 



सोमवार, 27 अगस्त 2018

BOOK REVIEW OF THE MONTH





पुस्तक समीक्षा 


पुस्तक का नाम :- परशुराम की प्रतीक्षा 

लेखक का नाम :- रामधारी सिंह "दिनकर "

मूल्य : रुपये अस्सी मात्र 

प्रकाशक :- लोक भारती  प्रकाशन 

संस्करण :- द्वितीय 

पुस्तक के बारे में 
"परशुराम की प्रतीक्षा " रामधारी सिंह " दिनकर " द्वारा रचित एक अदभुत  कविता संग्रह है |  यह उनकी रचनाओं में से एक है | इसमें कुल 18 कविताएं हैं ,  कुछ लम्बी तो कुछ छोटी है | इस पुस्तक का नाम इसकी पहली रचना पर पड़ा है | इस पहली कविता अर्थात  प्रतीक्षा के इन १८ कविताओं पांच खंड हैं , साथ ही साथ यह पूरी पुस्तक की सबसे लम्बी  कविता  है | बाकी कविताओं में खंड नहीं पाए गए हैं | इन 18  कविताओं में आपको देशभक्ति एवं वीर रस मिलेगा | इन सभी कविताओं के माध्यम से कवि यह बताना चाहते हैं कि भारत की स्थिति  में सुधार की काफी आवश्यकता है | वह भारत की जनता को स्वतंत्रता का मूल्य बताना चाहते हैं | कवि ने इस प्रकार छात्रों का आह्वान है - 

और छात्र  बड़े पुरजोर हैं 
कॉलेजों में सीखने आये तोड़ फोड़ हैं | कहते हैं अभी पढ़ने का क्यासवाल है?
अभी तो हमारा धर्म  एक  हड़ताल है |  

समित शांडिल्य कक्षा ८-ब,(छात्र केंद्रीय विद्यालय वायु सेना, नलिया )   दवारा समीक्षित 

मंगलवार, 21 अगस्त 2018






स्वतंत्रता दिवस समारोह १५ अगस्त 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का ७२वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य  में दिल्ली के लाल किले से दिए गए भाषण के कुछ अंश 


Thought of the day